शिक्षा का अर्थ और शिक्षा की परिभाषाएं | Meaning and Definitions of Education

शिक्षा का अर्थ (shiksha ka arth) : शिक्षा मानव के विकास का एक मूल साधन है | यह मानव विकास की प्रक्रिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक निरंतर चलती रहती है | शिक्षा ही मानव को योग्य, सभ्य व सुसंस्कृत नागरिक बनाती है | जॉन लॉक लिखते है कि “जिस प्रकार पौधें का विकास कृषि के द्वारा होता है वैसे ही मानव का विकास शिक्षा के द्वारा होता है” (plants are developed by cultivation and men by education.) | शिक्षा के द्वारा ही मानव प्रगति के स्रोतों की जानकारी प्राप्त करके उन्हें जीवन के लिए अनुकूल, उपयोगी और आनन्दपूर्ण बनाता है |

मानव एक सामाजिक प्राणी होने के कारण कुछ जन्मजात प्रवृत्तियों को लेकर जन्म लेता है और इस बौद्धिक प्राणी की बुद्धि को सार्थक बनाकर शिक्षा ही उसकी जन्मजात प्रवृत्तियों का शोधन और मार्गदर्शन करते हुए सामान्य प्राणी से बौद्धिक प्राणी और सामाजिक प्राणी बनाती है |

इसीलिए ड्यूवी (dewey) ने कहा है कि “जिस प्रकार शारीरिक विकास के लिए भोजन का महत्व है, उसी प्रकार सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व है |

शिक्षा का शाब्दिक अर्थ : Etymological meaning of Education

शिक्षा के शाब्दिक अर्थ को समझने के लिए हमारे पास दो विचारधाराएँ है – एक भारतीय विचारधारा (Indian Thought) और दूसरी पाश्चात्य विचारधारा (Western Thought) | हम इन भारतीय व पाश्चात्य दोनों विचारधारा के अनुसार शिक्षा के शाब्दिक अर्थ को समझेंगें |

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भारतीय विचारधारा के अनुसार शिक्षा का अर्थ : Meaning of Education according to Indian Thought

शिक्षा शब्द संस्कृत भाषा की ‘शिक्ष्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है – ‘सीखना’ या ‘सिखाना’ | अतः शिक्षा का अर्थ हुआ – ‘सीखने-सिखाने की क्रिया’ |

संस्कृत की ‘शिक्ष’ धातु से ‘शिक्षण’ शब्द भी बना है, जिसका अर्थ होता है – ‘सिखाना’ |  

अर्थात् ‘शिक्षा वह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति स्वयं सीखता है और दूसरों को को सिखाता है |’

शिक्षा को ‘विद्या’ भी कहा जाता है | विद्या शब्द संस्कृत के ‘विद्’ धातु से बना है जिसका अर्थ है – ‘जानना’ या ‘सीखना’ या ‘ज्ञान प्राप्त करना’ |

इस प्रकार ‘शिक्षा सीखने-सिखाने की, जानने की अथवा ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया है’ |

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पाश्चात्य विचारधारा के अनुसार शिक्षा का अर्थ : Meaning of Education according to Western Thought

शिक्षा को अंग्रेजी भाषा में एजूकेशन (Education)  कहा जाता है | एजूकेशन (Education) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के निम्नलिखित शब्दों से हुई है –

  1. एडूकेटम (Educatum)
  2. एडूकेयर (Educare)
  3. एडुसीयर (Educere)

(1) एडूकेटम : Educatum

एडूकेटम (Educatum) शब्द दो लैटिन शब्दों से मिलकर बना है- ए (E) + डूको (Duco) |

यहाँ ए (E) का अर्थ होता है अन्दर से और डूको (Duco) का अर्थ होता है आगे बढाना / विकास करना / बाहर निकालना |

इस प्रकार एजुकेशन अर्थ हुआ – अन्दर से विकास करना या अन्दर से बाहर निकालना | अर्थात् बालक की आन्तरिक शक्तियों का विकास करना |

(2) एडूकेयर : Educare

एडूकेयर (Educare) का अर्थ है – आगे बढाना, बाहर निकालना, विकसित करना (to Educate, to bring up, to raise) 

(3) एडुसीयर : Educere

एडुसीयर : Educere  शब्द का अर्थ है – विकसित करना अथवा निकालना (to lead out)

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शिक्षा की परिभाषाएँ : Definitions of Education

शिक्षा ज्ञानार्जन की क्रिया है जो किसी न किसी रूप में आदिकाल से मानव के जीवन से जुडी हुई है | जैसे-जैसे मानव के ज्ञानार्जन में वृद्धि होती गयी वैसे-वैसे शिक्षा का स्वरुप भी व्यापक होता गया |

चूँकि शिक्षा का स्वरुप अतिव्यापक है और यह एक बहुआयामी प्रक्रिया है इसलिए इसकी कोई एक परिभाषा सर्वमान्य नही है | विभिन्न विद्वानों ने अपने समय, स्थान, वातावरण आदि के दृष्टिकोण से इसकी विभिन्न परिभाषाएं दी है, जिसमे मुख्य निम्नलिखित है |

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शिक्षा की भारतीय परिभाषाएँ : Indian Definitions of Education

शंकराचार्य – “शिक्षा वह है जो मुक्ति दिलाए |” [सः विद्या या विमुक्तये – शंकराचार्य]

सायण – “जो स्वर, वर्ण आदि के उच्चारण-प्रकार का उपदेश दे, वही शिक्षा है |”

विवेकानंद – “मनुष्य की अन्तर्निहित पूर्णता को अभिव्यक्त करना ही शिक्षा है |” [“Education is manifestation of perfection already present in man.” – Swami Vivekanand]

महात्मा गाँधी – “शिक्षा से मेरा अभिप्राय बालक और मनुष्य के शरीर, मन तथा आत्मा के सर्वंगीण एवं सर्वोत्कृष्ट विकास से है |” [By Education I mean an all round drawing out of the best in child and man – body, mind and spirit.” – Mahatma Gandhi] 

स्वामी दयानन्द सरस्वती – “जिससे मनुष्य विद्या आदि शुभ गुणों की प्राप्ति और अविद्या के दोष को छोड़कर सदा आनन्दित हो सके, वह विद्या कहलाती है” |

रबीन्द्रनाथ टैगोर – “सर्वोत्तम शिक्षा वह है जो हमें केवल सूचना ही नही देती बल्कि सम्पूर्ण दृष्टि से हमारे जीवन का सामंजस्य स्थापित करती है |” [“The highest education is that which does not given us information but makes our life in harmony with all existence.” – rabindranath tagore.]

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श्री अरबिन्दो घोष – “शिक्षा मानव मन और आत्मा की शक्तियों का निर्माण करती है | यह ज्ञान, चरित्र तथा संस्कृति का उत्कर्ष करती है |” [Education is the building of the power of the human mind and spirit. it is the evoking of knowledge, charecter and culture.” – Sri Aurobindo Ghosh]

डा. एस. राधाकृष्णन – ‘छात्रों को जीविकोपार्जन करने में सहायता देना शिक्षा का एक कार्य है |” [“To help the students to earn a living is one of the functions of education.” – Dr. Radhakrishnan.]

डॉ. एस. राधाकृष्णन – “शिक्षा मानव और समाज के लिए निर्माणकारी होनी चाहिए |” [“Education should be man-making and society making.” – Dr. S. Radhakrishanan]

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शिक्षा की पाश्चात्य परिभाषाएँ : Western Definitions of Education

प्लेटो – “शिक्षा का कार्य मनुष्य के शरीर और आत्मा को वह पूर्णता प्रदान करना है जिसके की वे योग्य है |” [“Education consist in giving to the body and soul all the perfection to which they are susceptible.” – Plato]

प्लेटो – “शिक्षा से मेरा अभिप्राय उस प्रशिक्षण से है, जो बच्चों में गुण की प्राथमिक मूल प्रवृत्तियों के लिए अनुकूल आदतों द्वारा प्रदान किया जाता है |” [“I mean by education that training which is given by suitable habits to the first instincts of virtue in children.” – Plato]

अरस्तु – “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निर्माण ही शिक्षा है |” [“Education is the creation of a sound mind in a sound body.” – Aristotle]

हरबर्ट स्पेन्सर – “शिक्षा का अर्थ अंत:शक्तियों का बाहरी जीवन से समन्वय स्थापित करना है |” [“Education means establishment of co-ordination between the inherent powers and the outer life.” – Herbert Spencer]

जॉन डीवी – “शिक्षा व्यक्ति की उन सब योग्यताओं का विकास है जो उसमे अपने पर्यावरण पर नियंत्रण रखने और अपनी संभावनाओ को पूरा करने का सामर्थ्य प्रदान करे |” [“Education is the development of all those capacities in the individual which will enable him to control his environment and fulfil his possibilities.” – John Dewey]

पेस्टालॉजी – “शिक्षा मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का स्वाभाविक, सामंजस्यपूर्ण और प्रगतिशील विकास है |” [“Education is a natural, harmonious and progressive development of man’s innate powers.” – Pestalozzi]  

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फ्रोबेल – “शिक्षा एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालक अपनी आन्तरिक शक्तियों को बाहर लाता है |” [“Education is a process by which a child makes its internal external.” – Froebel.]

कान्ट – “शिक्षा व्यक्ति की उस पूर्णता का विकास है, जिसकी उसमे क्षमता है |” [“Education is the development in the individual of all the purifection of which he is capable.” – Kant]

हरबर्ट – “अच्छे नैतिक चरित्र का विकास ही शिक्षा है |” [“Education is the development of good moral character.” – Herbart] 

जॉन लॉक – “पौधे कृषि द्वारा विकसित होते है और मनुष्य शिक्षा से |” [“Plants develop through agriculture and man through education.” – John Locke]

रूसो – “वास्तविक शिक्षा वह है जो व्यक्ति के अन्दर से प्रस्फुटित होती है | यह व्यक्ति की अन्तर्निहित शक्तियों की अभिव्यक्ति है |”[“true education is something that happens from within the individual, it is an unfolding of his own latent power.” – Rousseau.]

सुकरात – “शिक्षा का अर्थ संसार के उन सर्वमान्य विचारो को प्रकाश में लाना है, जो प्रत्येक मनुष्य के मन में विद्यमान होते है |” [“Education means the bringing out of ideas of universal validity which are latent in the mind of every man.” – Socrates]

पर्सी नन – “शिक्षा बालक की वैयक्तिकता का पूर्ण विकास है, जिससे वह अपनी पूर्ण योग्यता के अनुसार मानव जीवन को मौलिक योगदान दे सके |” [“Education is the complete development of individuality of the child so that he can make an original contribution to human life according to his best capacity.” – Percy Nunn]

रेमंट – “शिक्षा विकास की वह प्रक्रिया है, जिसमे मनुष्य बचपन से प्रौढ़ता की और प्रगति करता है |”[“Education is a process of development in which man progresses from childhood to manhood.” – Raymont]

कमेनियस – “शिक्षा सम्पूर्ण मानव का विकास है |” [“Education is the development of whole man.” – commenius]

जेम्स – “शिक्षा कार्य सम्बन्धी अर्जित आदतों का संगठन है जो व्यक्ति को उसके भौतिक और सामाजिक वातावरण में उचित स्थान देती है |” [“Education is the organisation of acquired habits of such action as will fit the individual to his physical and social environment.” – James]

शिक्षा की उपर्युक्त भारतीय और पाश्चात्य विचारधारा के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा का अर्थ अत्यंत व्यापक है, इसे समयावधि व सीमाओं में बांधा नही जा सकता | यह देश, काल, स्थान आदि बन्धनों से मुक्त होती है | वास्तव में मानव का सम्पूर्ण जीवन ही शिक्षा है, जो मानव की जन्म से प्रारम्भ होकर मृत्यु तक विभिन्न अनुभवों के अनुसार चलती रहती है |

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