कानपुर यूनिवर्सिटी ने बदला चैलेंज मूल्यांकन, होगा विद्यार्थियों को फायदा

छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (CSJMU) अर्थात् कानपुर विश्वविद्यालय (Kanpur University) की परीक्षा समिति ने चैलेंज मूल्यांकन (Challenge Evaluation) के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है | चैलेंज मूल्यांकन के नये नियम से उन छात्र-छात्राओं को विशेष फायदा होगा जो कुछ नंबर से फेल हो जाते है या प्रथम श्रेणी पाने से वंचित हो जाते है |

क्या है चैलेंज मूल्यांकन ?

छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (कानपुर यूनिवर्सिटी) हर साल अपने सभी छात्र-छात्राओं को चैलेंज मूल्यांकन की सुविधा देता है |

चैलेंज मूल्यांकन के तहत विवि के छात्र-छात्राएं अपने परीक्षा परिणाम से सन्तुष्ट न होने पर चैलेंज मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं |

चैलेंज मूल्यांकन करने वाले विद्यार्थियों की उत्तर-पुस्तिका का विश्वविद्यालय दोबारा मूल्यांकन करवाता है | इसमे परीक्षक सभी अंको (Marks) के जोड़ के साथ उत्तरों का भी आकलन कर सही अंक (Marks) देता है |

इससे कभी-कभी विद्यार्थियों के अंको में आश्चर्यजनक परिवर्तन हो जाता है |

क्या था चैलेंज मूल्यांकन का पुराना नियम ?

कानपुर यूनिवर्सिटी के चैलेंज मूल्यांकन के पुराने नियम के तहत चैलेंज मूल्यांकन का आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के अंकों (Marks) में तभी बदलाव होता था जब उनके पूर्णांक (Total Marks) के 15% से अधिक अंक बढ़े |

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इसका तात्पर्य यह है कि अगर प्रश्नपत्र (paper) का पूर्णांक (Total Marks) 100 अंकों (Marks) का है तो अगर उसमे 16 अंक या इससे अधिक अंक बढ़ते है तो ही विवि उसका रिजल्ट में परिवर्तन करता है अन्यथा उसका रिजल्ट अपरिवर्तित ही रहता है |

इस नियम से छात्र-छात्राओं की सारी मेहनत बेकार ही सिद्ध होती थी |

क्या है चैलेंज मूल्यांकन का नया नियम ?

कानपुर यूनिवर्सिटी के चैलेंज मूल्यांकन (Challenge Evaluation) के पुराने नियम के प्रति छात्र-छात्रों में बेहद आक्रोश था | वें लगातार मांग कर रहे थें कि उनके जितने अंक (Marks) आये उसी पर यह नियम लागू हो |

कानपुर यूनिवर्सिटी (CSJM University) की परीक्षा समिति में छात्र-छात्राओं की मांग पर विचार करने के लिए लम्बी बहस हुई, जिसमे छात्र-छात्राओं के हितो को ध्यान रखते हुए अधिकतर सदस्यों ने माना था कि प्रश्न-पत्र के प्राप्तांकों के आधार पर ही अंकों में बदलाव किया जाये |

विचार-विमर्श के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति ने चैलेंज मूल्यांकन के अपने पुराने नियम में बदलाव कर दिया है |

विवि के चैलेंज मूल्यांकन के नये नियम के तहत चैलेंज मूल्यांकन का आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के पूर्णांक में नही बल्कि प्राप्तांक का 15% या इससे अधिक अंक आने पर उनके रिजल्ट में बदलाव कर दिया जायेगा |

प्राप्तांक से 15% अधिक अंक बढ़ने पर परिवर्तित होगा रिजल्ट

चैलेंज मूल्यांकन के नये नियम के तहत विद्यार्थी के प्राप्तांक के 15% या इससे अधिक अंकों में बढ़ोत्तरी होने पर उसके रिजल्ट में बदलाव कर दिया जायेगा |

इसका तात्पर्य यह है कि 100 अंक के प्रश्नपत्र में 40 अंक आने पर विद्यार्थी द्वारा मूल्यांकन को चैलेंज करने पर अगर 6 अंक या इससे अधिक बढ़ते है तो उसके रिजल्ट में बदलाव कर दिया जायेगा |